हाथरस मामले में दलित शोषण मुक्ति मंच ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन योगी सरकार की बर्खास्तगी की मांग       शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर कोरोना पॉजिटिव       गुरुवार का पंचांग : 29 अक्तूबर, 2020; ये है आज का शुभमुहूर्त और राहुकाल का समय       आज का राशिफल : इन राशिवालों को रहेगा आज खास दिन, पढ़े अपना राशिफ़ल विस्तार से       शिमला में देर रात होटल में लगी आग, लाखों का नुकसान       प्रदेश में 20 नए औद्योगिक उपक्रम स्थापित करने और कई विस्तार प्रस्तावों को मंजूरी       ऑनलाइन शिक्षा के लिए शिक्षा मंत्री ने किया जिओ टीवी के एलिमेंट्री, हायर और वोकेशनल तीन चैनलों का शुभारम्भ       हिमाचल देवभूमि और वीरभूमि उद्धव ठाकरे का बयान दुर्भाग्यपूर्ण पढ़े हिमाचल का इतिहास : सुरेश कश्यप       इस नम्बर पर वाट्सऐप से करें शिकायत, तुरंत कार्रवाई करेगी शिमला पुलिस, पढ़े पूरी खबर       हिमाचल प्रदेश डाक विभाग करेगा राज्य स्तरीय वर्चुअल फिलेटली प्रदर्शनी का आयोजन, प्रथम स्थान पर आने वाले को मिलेगा ये इनाम      

धर्म/संस्कृति

ऐसे रखें महालक्ष्मी व्रत, धन और वैभव की होगी प्राप्ति

September 09, 2020 08:09 AM

महालक्ष्मी व्रत इस साल 10 सितंबर को रखा जाएगा. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस व्रत को रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है और जीवन में धन, यश और सफलता मिलती है और दरिद्रता दूर होती है. इस दिन गज लक्ष्मी यानी हाथी पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए.

महालक्ष्मी व्रत राधा अष्टमी से शुरू होता है और आश्विन मास में कृष्ण अष्टमी की तिथि तक चलता है. अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी व्रत का समापन माना जाता है. इस साल महालक्ष्मी व्रत का समापन 10 गुरुवार को होगा.

श्राद्ध पक्ष में शुभ कार्य वर्जित होते हैं. इस दौरान लोग नई वस्तुएं, नए परिधान नहीं खरीदते और ना ही पहनते हैं लेकिन इस पक्ष में आने वाली अष्‍टमी तिथि को बेहद शुभ माना जाता है. इसे गजलक्ष्‍मी व्रत, महालक्ष्मी व्रत, हाथी पूजा भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन खरीदा सोना आठ गुना बढ़ता है. इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है.

मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूजा करते समय कोई गलती नहीं होनी चाहिए नहीं तो मां लक्ष्मी रूष्ट होकर आपके घर से चली जाती हैं.

पूजा विधि

महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के आठों रूप-  श्रीधन लक्ष्मी, श्रीगज लक्ष्मी, श्रीवीर लक्ष्मी, श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी मां, श्री विजय लक्ष्मी मां, श्री आदि लक्ष्मी मां, श्री धान्य लक्ष्मी मां और श्री संतान लक्ष्मी मां की पूजा करनी चाहिए.

पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाएं और उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें.

मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने-चांदी के सिक्के और फल फूल रखें.

पूजन में पानी से भरे कलश को पान के पत्तों से सजाकर मंदिर में रखें और उसके ऊपर नारियल रखें. कलश के पास हल्दी से कमल बनाएं और उस पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें.

बाजार से मिट्टी का हाथी लाएं और इसे सोने के आभूषणों से सजाएं.

मां लक्ष्मी के सामने श्रीयंत्र की स्थापना करें और उसकी पूजा करें.

फल और मिठाई अर्पित करें. सोना चांदी चढ़ाएं

इसके बाद मां लक्ष्मी के 8 रूपों की मंत्रों के साथ कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें.

Have something to say? Post your comment

धर्म/संस्कृति में और

दशहरे के दिन इन चीजों का दिखना होता है शुभ, खुल जाते हैं किस्मत के ताले

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की जाती है पूजा, जानें पूजा विधि और कथा

नवरात्रों में माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों को लगाए ये अलग-अलग भोग, माता रानी होगी प्रसन्न

नवरात्र 2020 : घटस्थापना के लिए इस बार साढे छह घंटे, ये हैं घटस्थापना के बेहद शुभ 3 मुहूर्त..

आज 13 अक्टूबर को है परम एकादशी, ये रहा शुभ मुहूर्त और पारण का समय

इस दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें चंद्र ग्रहण लगने का समय

अधिक मास में जानें कब है पद्मिनी एकादशी का व्रत

मलमास 2020: आज से मलमास शुरु, जानें इस माह में कौन से काम करने की है मनाही, पढ़े विस्तार से -

जानिए कौन है भद्रा? जिसके होने पर कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं

शनिवार को नहीं करें ये काम, शनिदेव हो सकते है नाराज