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पंचांग

सोमवार का पंचांग : 21 सितम्बर 2020; ये है आज का शुभमुहूर्त और राहुकाल का समय

September 21, 2020 10:00 AM

हिन्दू पंचांग पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे ।

जानिए सोमवार का पंचांग

*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।

*योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।

*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

सोमवार का पंचांग

21 सितम्बर 2020

रुद्र गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) - सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।

जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।

राष्ट्रीय मिति भाद्रपद 30, शक संवत 1942, आश्विन शुक्ल पंचमी सोमवार विक्रम संवत् 2077। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 06 सफर 03, हिजरी 1442 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 21 सितम्बर सन् 2020 ई०। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतुः।

राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। पंचमी तिथि रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ, विशाखा नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 49 मिनट तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ।

वैधृति योग प्रातः 07 बजकर 58 मिनट तक उपरांत विष्कुम्भ योग का आरंभ, बव करण अपराह्न 01 बजकर 06 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा अपराह्न 03 बजकर 17 मिनट तक तुला उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।

सूर्योदय का समय 21 सितंबर: सुबह 06 बजकर 09 मिनट पर।

सूर्यास्त का समय 21 सितंबर: शाम 06 बजकर 19 मिनट पर।

आज का शुभ मुहूर्तः अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से 03 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य9रात्रि 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक। गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 06 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट तक। अमृत काल दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से 02 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह 08 बजकर 49 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

आज का अशुभ मुहूर्तः राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक गुलिक काल रहेगा। वर्ज्य काल मध्यरात्रि 12 बजकर 34 मिनट से 02 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से 01 बजकर 27 मिनट तक इसके बाद 03 बजकर 04 मिनट से 03 बजकर 53 मिनट तक। विंछुड़ो काल दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 10 मिनट तक।

आज के उपायः सोमवार को सफेद गाय को रोटी और गुड़ खिलाने से भी हमारे सभी कष्ट दूर होते हैं। भगवान शिव को जल जरूर चढ़ाएं।

दिशाशूल : सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।

"हे आज की तिथि ( तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

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