पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न, इस पंचायत में हुआ सर्वाधिक 94 फीसदी मतदान       पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में 1228 पंचायतों में मतदान शुरू, युवा मतदाता भी बढ़ चढ़ कर करे रहे हैं मतदान       शिमला में समाने आया तीन तलाक का मामला,पति ने तीन तलाक देकर महिला को निकाला घर के बाहर       मुख्य सचिव ने स्वर्ण जयंती समारोह संबंधी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की       हिमाचल में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की कोविड टीकाकरण की शुरुआत, डॉ जनक राज को लगा पहला टिका       आदित्य नेगी ने कुफरी में पार्किंग स्थलों एवं भवन का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशानिर्देश       17 जनवरी को प्रथम चरण के चुनाव में 138 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान, मजबूत लोकतंत्र के लिए करें मतदान: उपायुक्त       कुफरी में स्थापित डॉप्लर राडार का हर्षवर्धन ने किया लोकार्पण, सौ किलोमीटर तक के सभी दिशाओं के मौसम की देगा जानकारी       राज्यपाल ने राम मंदिर के लिए 1.83 लाख रुपये का अंशदान किया       एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण ने 509.86 करोड़ रुपये की 13 परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी      

पंचांग

शनिवार का पंचांग : 28 नवम्बर 2020, जानिए आज का शल शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

November 28, 2020 08:15 AM

हिन्दू पंचांग पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :-

1:- तिथि (Tithi)

2:- वार (Day)

3:- नक्षत्र (Nakshatra)

4:- योग (Yog)

5:- करण (Karan)

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे ।

जानिए शनिवार का पंचांग

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।

योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।

करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए।

शनिवार का पंचांग

28 नवम्बर शनिवार 2020 का पंचांग, शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।

शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।

शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है।

शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।

शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।

*विक्रम संवत् 2077 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य* शक संवत – 1942, *कलि संवत 5122* अयन – दक्षिणायन, * ऋतु – शरद ऋतु, * मास – कार्तिक माह* पक्ष – शुक्ल पक्ष*चंद्र बल –मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृक्षिक, कुम्भ,

तिथि (Tithi)- त्रयोदशी – 10:21 AM तक तत्पश्चात चतुर्दशी

तिथि का स्वामी – त्रयोदशी के स्वामी प्रेम के देवता कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है।  

त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है । पौराणिक कथाओं के अनुसार कामदेव, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पुत्र माने गए हैं। उनका विवाह प्रेम और आकर्षण की देवी रति से हुआ है।

इनकी पूजा करने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है। त्रियोदशी को कामदेव की पूजा करने से वैवाहिक सुख भी पूर्णरूप से मिलता है।

इस तिथि का खास नाम जयकारा भी है। समान्यता त्रयोदशी तिथि यात्रा एवं शुभ कार्यो के लिए श्रेष्ठ होती है। त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए ।

नक्षत्र (Nakshatra)- भरणी

भरणी नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से दूसरा नक्षत्र है और त्रिकोण का प्रतीक है। यह नक्षत्र प्रकृति के स्त्री वाले पहलू को इंगित करता है। भरणी नक्षत्र बलिदान, ईर्ष्या, सहनशीलता और शुद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। यह संयम का एक सितारा माना जाता है और गर्भ का प्रतिनिधित्व करता है। भरणी नक्षत्र सितारा का लिंग मादा है। भरणी नक्षत्र का आराध्य वृक्ष आँवला और नक्षत्र स्वभाव क्रूर माना गया है ।

भरणी नक्षत्र के लिए भाग्यशाली संख्या 9, 3 और 12, भाग्यशाली रंग पीला, लाल, और हरा एवं भाग्यशाली दिन मंगलवार तथा गुरुवार माना जाता है ।

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातको को तथा सभी मनुष्यों को जिस दिन भारणी नक्षत्र हो उस दिन नक्षत्र देवता नाममंत्र:- “ॐ यमाय् नमः” l मन्त्र की एक माला का जप करना चाहिए, इससे भारणी नक्षत्र के शुभ फल मिलते है ।  

योग(Yog) – वरीयान् – 09:23 AM तक तत्पश्चात परिध

प्रथम करण : – तैतिल – 10:21 AM तक

द्वितीय करण : – गर – 11:35 PM तक

गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।

दिशाशूल (Dishashool)- शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।

राहुकाल (Rahukaal)-सुबह – 9:00 से 10:30 तक।

सूर्योदय – प्रातः 06:59

सूर्यास्त – सायं 17:18

विशेष – त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए । त्रियोदशी को बैगन खाने से पुत्र को कष्ट मिलता है।

आज का शुभ मुहूर्तः अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक। अमृतकाल रात को 9 बजकर 56 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट तक। विजय मुहूर्त आज दोपहर में 1 बजकर 54 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम को 5 बजकर 13 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त अगले दिन सुबह 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 1 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्तः राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 तक यमगंड रहेगा।  

आज के उपायः शनिवार को काले कपड़े पहनें और शनि स्‍त्रोत का पाठ करें तो लाभ होगा।

“हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो “।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

Have something to say? Post your comment

पंचांग में और

शुक्रवार का पंचांग : 15 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त का समय

गुरुवार का पंचांग: 14 जनवरी 2021; देखें मकर संक्रांति पर जप, तप, दान का शुभ मुहूर्त

सोमवार का पंचांग : 11 जनवरी 2021; जानिए आज शुभ मुहूर्त का समय

शनिवार का पंचांग : 09 जनवरी 2021; आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

शुक्रवार का पंचांग : 08 जनवरी 2021, जानिए आज का शल शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

मंगलवार का पंचांग : 05 जनवरी 2021; जानिए आज के शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

रविवार का पंचांग : 03 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

शनिवार का पंचांग : 02 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

गुरुवार का पंचांग: 31 दिसम्बर 2020; देखें आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

बुधवार का पंचांग : 30 दिसम्बर 2020; जानिए आज का शुभमुहूर्त का समय