पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न, इस पंचायत में हुआ सर्वाधिक 94 फीसदी मतदान       पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में 1228 पंचायतों में मतदान शुरू, युवा मतदाता भी बढ़ चढ़ कर करे रहे हैं मतदान       शिमला में समाने आया तीन तलाक का मामला,पति ने तीन तलाक देकर महिला को निकाला घर के बाहर       मुख्य सचिव ने स्वर्ण जयंती समारोह संबंधी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की       हिमाचल में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की कोविड टीकाकरण की शुरुआत, डॉ जनक राज को लगा पहला टिका       आदित्य नेगी ने कुफरी में पार्किंग स्थलों एवं भवन का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशानिर्देश       17 जनवरी को प्रथम चरण के चुनाव में 138 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान, मजबूत लोकतंत्र के लिए करें मतदान: उपायुक्त       कुफरी में स्थापित डॉप्लर राडार का हर्षवर्धन ने किया लोकार्पण, सौ किलोमीटर तक के सभी दिशाओं के मौसम की देगा जानकारी       राज्यपाल ने राम मंदिर के लिए 1.83 लाख रुपये का अंशदान किया       एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण ने 509.86 करोड़ रुपये की 13 परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी      

पंचांग

शुक्रवार का पंचांग : 04 दिसम्बर 2020, जानिए आज का शल शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

December 04, 2020 09:59 AM

हिन्दू पंचांग पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :-

1:- तिथि (Tithi)2:- वार (Day)3:- नक्षत्र (Nakshatra)4:- योग (Yog)5:- करण (Karan)

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी नित्य पंचाग (panchang) का श्रवण करते थे ।

जानिए शुक्रवार का पंचांग

* शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

* वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।

* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।

* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।

* करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।

इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

महालक्ष्मी मन्त्र : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें । शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।

शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

*विक्रम संवत् 2077 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य, * शक संवत – 1942, *कलि संवत – 5122* अयन – दक्षिणायन, * ऋतु – शरद ऋतु, * मास – मार्गशीर्ष माह।* पक्ष – कृष्ण पक्ष*चंद्र बल – वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ,

तिथि (Tithi)- चतुर्थी – 08:03 PM तक तत्पश्चात पंचमी :– चतुर्थी तिथ के स्वामी विघ्नहर्ता गणेश जी है।

आज संकट चतुर्थी है । प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकट चतुर्थी कहते है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना, संकट चतुर्थी का व्रत सभी प्रकार के संकटो से रक्षण होती है। अमावस्या के बाद आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी तो पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।

आज गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।

चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है ।

नक्षत्र (Nakshatra) – पुनर्वसु – 01:39 PM तक तत्पश्चात पुष्य

पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति (पृथ्वी देवी), बृहस्पति, एवं नक्षत्र के स्वामी गुरु बृहस्पति जी है।

पुष्य नक्षत्र के देवता देव गुरु बृहस्पति और स्वामी शनि देव जी है ।

पुनर्वसु का अर्थ पुन: शुभ या पुन: बसना होता है। पुनर्वसु नक्षत्र आकाश मंडल में 7वां नक्षत्र है। यह मर्यादा पुरषोतम भगवान श्री राम जी का जन्म नक्षत्र है। मान्यता है कि पुनर्वसु जातक के यहा केवल पुत्र ही होता है। पुनर्वसु प्रत्येक कार्य के शुभारम्भ के लिए, नयी शुरुआत के लिए श्रेष्ठ होता है। पुनर्वसु नक्षत्र का आराध्य वृक्ष:बांस / बांबू और नक्षत्र का स्वभाव चर माना गया है ।

पुनर्वसु नक्षत्र के लिए भाग्यशाली संख्या 3, भाग्यशाली रंग, सुनहरा, भाग्यशाली दिन गुरुवार का माना जाता है ।

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे जातको को तथा जिस दिन यह नक्षत्र हो उस दिन सभी को “ॐ आदित्याय नम:”। मन्त्र का जाप अवश्य करना चाहिए ।

योग(Yog) – शुक्ल – 10:30 AM तक तत्पश्चात ब्रह्म

प्रथम करण : – बव – 07:48 AM तकद्वितीय करण : –बालव – – 08:03 PM तक तत्पश्चात कौलव

गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक दिन 7:30 से 9:00 तक ।

दिशाशूल : शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही खाकर जाएँ ।

राहुकाल (Rahukaal)-दिन – 10:30 से 12:00 तक।

सूर्योदय -प्रातः 07:4

सूर्यास्त – सायं : 17:18

विशेष – चतुर्थी को मूली का सेवन नहीं करना चाहिए, चतुर्थी को मूली का सेवन करने से धन का नाश होता है।

आज का शुभ मुहूर्तः अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 02 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक। अमृत काल दोपहर 11 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 14 मिनट से 05 बजकर 38 मिनट तक। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 01 बजकर 39 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्तः राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 04 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक गुलिक काल रहेगा। वर्ज्य काल रात्रि 09 बजकर 55 मिनट से 11 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 09 बजकर 04 मिनट से 09 बजकर 46 मिनट तक रहेगा इसके बाद दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 01 बजकर 14 मिनट तक।

आज के उपाय : फल का दान करें, लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना शुभ रहेगा।

“हे आज की तिथि ( तिथि के स्वामी ), आज के वार, आज के नक्षत्र ( नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो “।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

ऐसी ही ताजा खबरों, पंचांग व प्रतिदिन के राशिफ़ल अपडेट के लिए डाउनलोड करे हिमदर्शन समाचार का मोबाइल एप

Have something to say? Post your comment

पंचांग में और

शुक्रवार का पंचांग : 15 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त का समय

गुरुवार का पंचांग: 14 जनवरी 2021; देखें मकर संक्रांति पर जप, तप, दान का शुभ मुहूर्त

सोमवार का पंचांग : 11 जनवरी 2021; जानिए आज शुभ मुहूर्त का समय

शनिवार का पंचांग : 09 जनवरी 2021; आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

शुक्रवार का पंचांग : 08 जनवरी 2021, जानिए आज का शल शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

मंगलवार का पंचांग : 05 जनवरी 2021; जानिए आज के शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

रविवार का पंचांग : 03 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

शनिवार का पंचांग : 02 जनवरी 2021; जानिए आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

गुरुवार का पंचांग: 31 दिसम्बर 2020; देखें आज का शुभमुहूर्त व राहुकाल का समय

बुधवार का पंचांग : 30 दिसम्बर 2020; जानिए आज का शुभमुहूर्त का समय