कोरोना काल मे लोगों पर महंगाई की मार: हिमाचल में सीमेंट हुआ महंगा, जानिए अब क्या होंगे सीमेंट के दाम, पढ़े पूरी खबर..       कोटखाई में लोन के नाम पर ठगी के मामले में अपराधी को बिहार से गिरफ्तार..       108 ओर 102 एम्बुलेंस के कर्मी मिले सीएम से, बोले- नई कंपनी कर रही मनमर्जी से भर्तियां, 11 साल पुराने कर्मचारी निकाले नौकरी से बाहर..       108 ओर 102 एम्बुलेंस कर्मियों के पक्ष में उतरे नेता प्रतिपक्ष , सरकार को किसी भी कर्मी को न निकालने की दी चेतावनी       हिमाचल कांग्रेस मे नही कोई गुटबाजी, एकजुट होकर आगामी चुनाव लड़ेगी पार्टी : राठौर       हिमाचल : आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, ठोस नीति बनाकर रेगुलर करने की तैयारी में सरकार, पढ़े पूरी खबर..       मुख्यमंत्री ने काजा में नौवीं राष्ट्रीय महिला आईस हॉकी चैंपियनशिप का शुभारंभ किया       कोरोना अपडेट : हिमाचल में 71 पुलिस जवान, मंत्री, BJP अध्यक्ष समेत 1975 कोरोना पॉजिटिव, पढ़े पूरी खबर..       भाजपा ने चलाया डिजीटल फंड कलेक्शन अभियान, नमो एप के जरिए देश भर मे माइक्रो फंड किया जा रहा एकत्र..       16 जनवरी को होगा 9 वीं राष्ट्रीय महिला आईस हॉकी चैंपियनशिप 2022 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे बतौर मुख्यातिथि शिरकत, पढ़े पूरी खबर..      

पंचांग

जय श्री गणेश । आज बुधवार का पंचांग : आप सभी का दिन शुभ हो, देखें आज का शुभ मुहूर्त

January 05, 2022 08:45 AM

हिन्दू पंचांग पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे ।

जानिए बुधवार का पंचांग

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

*वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।

*नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।

*योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।

*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

बुधवार का पंचांग

गणेश गायत्री मंत्र : ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।नबुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है। बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।

बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाने तथा रात को सोते समय फिटकरी से दाँत साफ करने से आर्थिक पक्ष मजबूत होता है ।

*विक्रम संवत् 2078, *शक संवत – 1943*कलि संवत 5123*अयन – दक्षिणायण*ऋतु – शरद ऋतु*मास – पौष माह*पक्ष – शुक्ल पक्ष*चंद्र बल – मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन,

तिथि (Tithi)- तृतीया 14.34 PM तक तत्पश्चात चतुर्थीतिथि के स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है । तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है। तृतीया तिथि को जया तिथि भी कहा गया है। अपने नाम के अनुसार ही यह तिथि सभी शुभ कार्यों में जय दिलाने अर्थात सफलता दिलाने वाली कही गई है। लेकिन बुधवार को तृतीया तिथि होने से मृत्युदा कहलाती है, इसलिए बुधवार की तृतीया को कोई भी नया कार्य शुरु करना शुभ नहीं माना जाता है।

तृतीया तिथि में माँ गौरी जी की पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख सौभाग्य की वृद्धि होती है। तृतीया के दिन माँ गौरी का ध्यान करते हुए उन्हें दूध की मिठाई, फूल और चावल अर्पित करें एवं श्रद्धानुसार घी का दीपक जलाकर ’’ऊँ गौर्ये नमः’’ की एक माला का अवश्य ही जाप करें ।

कुबेर जी भी तृतीया तिथि के स्वामी माने गये हैं। शास्त्रों के अनुसार कुबेर जी देवताओं के कोषाध्यक्ष है अतः इस दिन इनकी भी पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

कुबेर देव रावण के सौतेले भाई है और या भगवान शिव जी के प्रिय सेवक , परम मित्र भी माने जाती है। घर में कुबेर देवता की फोटो को उत्तर दिशा की ओर लगाना चाहिए और इस दिशा को बिलकुल साफ रखना चाहिए ।

शास्त्रों के अनुसार जो भी जातक किसी भी पक्ष की तृतीया को घी का दीपक जलाकर नियम से नीचे दिए गए कुबेर मंत्र का जप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके करता है उसे कुबेर देव की कृपा अवश्य ही प्राप्त होती है, उसे अपने कार्यक्षेत्र , व्यापार में आशातीत सफलता मिलती है।

कुबेर मंत्र: “ऊँ श्रीं, ऊँ ह्रीं श्रीं, ऊँ ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:”।यदि इस मंत्र का जप किसी शिव मंदिर में अथवा बिल्वपत्र वृक्ष की जड़ों के समीप बैठकर करा जाये तो या बहुत अधिक उत्तम होता है, उस जातक को भगवान भोलेनाथ और कुबेर जी दोनों की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।

नक्षत्र (Nakshatra)- श्रवण 8.46 AM तक तत्पश्चात धनिष्ठा

नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- श्रवण नक्षत्र के देवता विष्णु और सरस्वती जी तथा स्वामी चंद्र देव जी है ।

श्रवण नक्षत्र 22 वें नंबर का नक्षत्र है। यह एक त्रिशूल के जैसा प्रतीत होता है। श्रवण नक्षत्र का आराध्य वृक्ष आक या मंदार, और नक्षत्र का स्वभाव चर माना गया है । श्रावण नक्षत्र का लिंग पुरुष है। श्रवण नक्षत्र के जातक पर शनि और चंद्र का प्रभाव जीवनभर बना रहता है। श्रवण नक्षत्र के जातक बुद्धिमान और अपने कार्यो में निपुण होते हैं । श्रवण नक्षत्र में जन्म होने से जातक सुंदर, दानवान, आज्ञाकारी, सर्वगुण संपन्न, धनवान और अपने क्षेत्र में मान सम्मान प्राप्त करता है। लेकिन यदि शनि और चंद्र की स्थिति ठीक नहीं है तो ऐसा जातक क्रोधी, कंजूस, भय-शंकित रहने वाला, लापरवाह, आलसी होता है। यदि शनि और चंद्र कुंडली में एक ही जगह है, तो जातक को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है।

इसलिए जातक को हनुमानजी की सदैव उपासना करना है। जातक को शराब, मांस आदि व्यसनों से दूर रहना चाहिए।बश्रवण नक्षत्र के लिए भाग्यशाली संख्या 2 और 8, भाग्यशाली रंग, आसमानी, हल्का नीला, भाग्यशाली दिन गुरुवार, बुधवार और सोमवार माना जाता है ।

श्रवण नक्षत्र में जन्मे जातको को तथा जिस दिन यह नक्षत्र हो उस दिन सभी को “ॐ श्रवणाय नमः “। मन्त्र का जाप अवश्य करना चाहिए ।

योग(Yog) – वज्र 6.15 PM तक तत्पश्चात सिद्धिप्रथम करण : – गर 2.34 PM तकद्वितीय करण : – वणिज 1.26 AM, 6 जनवरी तकगुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।

दिशाशूल (Dishashool)- बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है । इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा/हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।

राहुकाल (Rahukaal) : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक ।

सूर्योदय – प्रातः 7:20

सूर्यास्त – सायं 17:32

विशेष – तृतीया को परवल का सेवन नहीं करना चाहिए, तृतीया को परवल का सेवन करने से शत्रुओं में वृद्धि होती है ।

आज का शुभ मुहूर्त 5 जनवरी 2022 : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से 02 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्‍यरात्रि 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 05 बजकर 28 मिनट से 05 बजकर 52 मिनट तक। अमृत काल रात्रि 09 बजकर 28 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक। रवि योग सुबह 08 बजकर 46 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 11 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 5 जनवरी 2022 : राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक यमगंड रहेगा। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। भद्रा अगली सुबह 01 बजकर 26 मिनट से 07 बजकर 15 मिनट तक। पंचक काल शाम 07 बजकर 54 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक।

आज के उपाय : गणपति स्तोत्र का पाठ कीजिए, सौंफ खाकर शुभ काम के लिए घर से निकलें।

“हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो “।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो

दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।

Have something to say? Post your comment

पंचांग में और