हिंदी ENGLISH E-Paper Download App Contact us Wednesday | December 07, 2022
आज का राशिफल: 07 दिसम्बर 2022, बुधवार के दिन इन 5 राशियों पर मां लक्ष्मी बरसाएंगी अपनी कृपा, नौकरी-बिजनेस में मिलेगी सफलता       HRTC चालक पर तेज धारदार हथियार से हमला, चालक यूनियन ने पंजाब में सेवाएं बन्द करने का दिया अल्टीमेटम       प्रदेश की जनता तक पहुंचा रिवाज़ बदलने का नारा, भाजपा एग्जिट पोल से जीतेगी ज्यादा सीटे: मुख्यमंत्री, जयराम ठाकुर       हिमाचल में अगर भाजपा नही आई तो, कांग्रेस के इन नेताओं में लग सकती है मूछें कटवाने की होड़, जानिए क्या है मूछों से जुड़ा सयोंग..       हिमाचल: नतीजों से पहले एक्टिव मोड में आई अफसर लॉबी : होली लॉज के काट रहे चक्कर, पहले से मलाईदार पदों पर, अब फिर करने लगे सैटिंग..!!, पढ़ें विस्तार से..       आज का राशिफल : 06 दिसम्बर 2022; जानिए कैसा रहेगा आपका दिन..       हिमाचल एग्जिट पोल में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर, जानें भाजपा-कांग्रेस को कितनी-कितनी सीटें, पढ़ें पूरी खबर..       शिमला के संजौली में तेज रफ्तार कार ने राहगीर को मारी टक्कर, CCTV में कैद हुआ हादसा       आज का राशिफल : 05 दिसम्बर 2022; इन राशि वालों की मनोकामनाएं होगी पूरी, पढ़ें अपना राशिफल       शिमला में अब कर पाएंगे आइस स्केटिंग, आइस स्केटिंग रिंक बनकर तैयार, 12 दिसंबर से विंटर गेम्स होगी शुरू, रजिस्ट्रेशन आरम्भ..      

हिमाचल

हिमाचल में सियासी रिवाज बदलना भाजपा का एकमात्र लक्ष्य, निर्दलीयों से सम्पर्क साधना शुरू, भारी मतदान प्रदेश में सियासी रिवाज बदलेगा या राज ? पढ़ें विस्तार से..

November 16, 2022 08:23 AM
Om Prakash Thakur

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हुआ भारी मतदान जहां एक अच्छी बात है वहीं, इस भारी मतदान ने दोनों ही दलों के होश उड़ा दिए हैं। जबकि सियासी पंडित भी इस मतदान से चकरा गए हैं। हालांकि पूर्व में तो यही माना जाता रहा है कि अपेक्षा से ज्यादा मतदान सत्ता परिर्वतन के लिए ही होता आया है ! पढ़ें पूरी ख़बर..

शिमला : (हिमदर्शन समाचार); बिना दल खुद के बलबूते चुनावी समर में उतरे निर्दलीयों (independent candidate) पर सबकी निगाहें टिकी होती हैं। बीते कुछ वर्षों में हिमाचल की सीटों पर भले ही निर्दलीय उम्मीदवारों को उतनी सफलता न मिली हो, लेकिन इस बार कुछ सीटों पर उनकी मजबूत मौजूदगी ने समीकरणों को रोचक बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की लहर थी, जिसकी वजह से निर्दलीय प्रत्याशियों का वोट प्रतिशत कम रहा। इस बार पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा व कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों की संख्या काफी ज्यादा है। जब जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है, उस स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। निर्दलीय प्रत्याशी ऐसे में पार्टी प्रत्याशी के वोटबैंक में सेंध लगा देते हैं। जिससे उसे हार का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे काफी मामले दिखते रहे हैं।

बागी हो कर निर्दलीय चुनाव लड़ें इन प्रत्याशियों ने उड़ाई दोनों दलों की नींद..

इसके साथ ही प्रदेश के अनेकों विधानसभा क्षेत्रों में अपने अपने दलों से बागी हो कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने भी दोनों ही दलों के नेताओं की धुकधुकी बढ़ा दी है। क्योंकि चुनाव लड़ रहे अधिकतर बागी काफी बेहतर स्थिति में हैं और वह पूरी तरह से चुनाव जीतने की स्थिति में हैं। आठ दिसंबर को होने वाली मतगणना से पहले भाजपा और कांग्रेस ने बागी प्रत्याशियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

मजबूत बागी प्रत्याशियों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए दोनों ही राजनीतिक दलों ने समीकरण बैठाना शुरू कर दिए हैं। चुनाव नतीजों में अगर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रहती है तो बहुमत साबित करने के लिए बागी प्रत्याशियों की अहम भूमिका रहेगी । ऐसे में आठ दिसंबर से पहले ही ऐसे निर्दलीय प्रत्याशियों पर डोरे डालना शुरू कर दिए हैं, जिनके जीतने की संभावना है।

कांग्रेस से बागी होकर जगजीवन पाल सुलह से, इंदु वर्मा ठियोग से, आशीष शर्मा हमीरपुर, सुभाष मंगलेट चौपाल, राजेंद्र कुमार अर्की से और गंगूराम मुसाफिर पच्छाद से चुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलकर के.एल. ठाकुर ने नालागढ़ से, किशोरी लाल सागर ने आनी से, होशियार सिंह देहरा से, मनोहर धीमान इंदौरा से, प्रवीण शर्मा मंडी से, हितेश्वर सिंह बंजार से, इंदिरा कपूर चंबा सदर से, सुभाष शर्मा बिलासपुर और संजीव शर्मा बड़सर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में यह निर्दलीय दोनों दलों के समीकरण बिगाड़ रहे हैं।

अधिकांश सीटों पर मुकाबला कड़ा होने से निर्दलीय उम्मीदवारों के भी बाजी मारने की संभावना बनी है। इन परिस्थितियों को भांपते हुए भाजपा और कांग्रेस के दिल्ली में बैठे महारथियों ने बागियों से संपर्क साधने की योजना तैयार की है। जगजीवन, इंदु वर्मा, होशियार सिंह, केएल ठाकुर, आशीष से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किशोरी लाल, सुभाष मंगलेट और गंगूराम मुसाफिर पर भी डोरे डाले जा रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आठ दिसंबर को कितने बागी विधायक बनते हैं और किस दल के प्रति लगाव दिखाएंगे।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हुए भारी मतदान ने दोनों ही दलों के होश उड़ा दिए हैं। जबकि सियासी पंडित भी इस मतदान से हैरत में पड़ गए हैं। आज तक तो ज्यादा मतदान सत्ता परिर्वतन के लिए ही होता आया है लेकिन मौजूदा सरकार का मानना है कि इस बार का भारी मतदान राज नही बल्कि रिवाज बदलने के लिए हुआ है।

ऐसे में किसी की भी समझ नहीं आ रहा है कि भारी मतदान प्रदेश में सियासी रिवाज को बदलेगा या राज ? यह सवाल सियासी गलियारों में 8 दिसंबर तक लगातार गूंजता रहेगा।

 

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

HRTC चालक पर तेज धारदार हथियार से हमला, चालक यूनियन ने पंजाब में सेवाएं बन्द करने का दिया अल्टीमेटम

प्रदेश की जनता तक पहुंचा रिवाज़ बदलने का नारा, भाजपा एग्जिट पोल से जीतेगी ज्यादा सीटे: मुख्यमंत्री, जयराम ठाकुर

हिमाचल में अगर भाजपा नही आई तो, कांग्रेस के इन नेताओं में लग सकती है मूछें कटवाने की होड़, जानिए क्या है मूछों से जुड़ा सयोंग..

हिमाचल: नतीजों से पहले एक्टिव मोड में आई अफसर लॉबी : होली लॉज के काट रहे चक्कर, पहले से मलाईदार पदों पर, अब फिर करने लगे सैटिंग..!!, पढ़ें विस्तार से..

हिमाचल एग्जिट पोल में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर, जानें भाजपा-कांग्रेस को कितनी-कितनी सीटें, पढ़ें पूरी खबर..

शिमला के संजौली में तेज रफ्तार कार ने राहगीर को मारी टक्कर, CCTV में कैद हुआ हादसा

दुःखद खबर : हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा में निजी बस दुर्घटनाग्रस्त, 21 यात्री घायल, पढ़ें पूरी खबर..

CM जयराम का बड़ा बयान, बोले - भावी मुख्यमंत्री बनकर चुनाव लड़ने वाले सभी कांग्रेस के नेता हारेंगे चुनाव, पढ़ें पूरी खबर..

हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला: CBI ने दर्ज की FIR, रिकॉर्ड कब्जे में लिया, पढ़ें पूरी खबर..

मुफ्त बिजली देने से बिजली बोर्ड का आर्थिक संतुलन बिगड़ा, नए साल में बिजली का बिल लोगों को देगा बड़ा झटका, मुफ्त बिजली के चुनावी वादें लगतें है हवा-हवाई ? पढ़ें पूरी खबर..